
पुरोहित. भूषण सांभ शिखरे (पवईकर)
पुत्र - निनाद भूषण शिखरे (पवईकर)
+91-9422268596 (भूषण सांभ शिखरे)
+91-8149471194 (निनाद भूषण शिखरे)
bhushanshikhare@gmail.com
निवास : - 417, ग्रहसंकेत, सत्यनारायण मंदिर के पास, दुर्वांकुर लॉज बगलमें, मेनरोड, कुशावर्त कुंड एरिया, मु. पो. त्र्यंबकेश्वर,
जिला - नाशिक महाराष्ट्र (भारत) - 422212
शिखरे पुरोहितजी के बारें में
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श्री क्षेत्र त्र्यंबकेश्वरके शिखरे परिवार एक बहोत बडा और पुराना पुरोहित परिवार है।यह परिवार गत बारासो सालोंसे त्र्यंबकेश्वरके मूल निवासी तीर्थपुरोहित है।हमारा मुख्य कार्य है यहाँपर होने वाले सभी विविध प्रकारके धार्मिक पुजाविधी करवाना। स्वर्गीय श्री.शंकर सखाराम शिखरेजीने पिछली शताब्दीमें पुरोहित व्यवसायमे अपने आपको समर्पित किया था।उनके सुपुत्र स्वर्गीय श्री.सांभ शंकर शिखरे अपने पिताजीके कदमों पर चलकर पुरोहित की परंपरा साठ सालोंतक संभाली थी।वो हिंन्दू धर्मके सभी प्रकारकी पुजा, पुजाविधी, नारायणबली, नागबली,कालसर्पशांती पुजा,त्रिपिंडी श्राध्द आदि पुजा विधिवत करनेमे माहिर एवं कुशल थे।उनके सुपुत्र यांनी मै श्री.भूषण सांभ शिखरे भी उनके परिवार की परंपरा पिछले 1993 सालसे सशक्त बना रहे है।पौरोहित व्यवसायके अलावा मेरा कृष्णमूर्ती फलज्योतिषमे भी दिलचस्पी है।मै कुशल पुरोहित और मशहुर फलज्योतिष शास्त्रज्ञ के. एस. कृष्णमूर्ति पध्दतीके अनुयायी है।
के.पी. ज्योतिष परंपराके अनुसार पौरोहित्य करनेवाले है।मैने भारतीय परंपरागत फलज्योतिष शास्त्रका अध्ययन सन 1990 से 1993 तक किया हुं। 1998 के पश्चात परंपराके भारतीय फलज्योतिष शास्त्र की कुछ कठनाई के कारण उनका रुझान के. पी. ज्योतिष दक्षिण भारतके परंपराकी ओर मुड गया।आज मेरी अगली पिढीके रूपमे मेरा पुत्र चि.निनाद भूषण शिखरे भी गये 2017 सालसे इसी धार्मिक पुजाविधीके क्षेत्रमें कार्यरत है.साथमे अन्य वेदका भी ज्ञान अर्जित कर रहॉं है. श्री क्षेत्र त्र्यंबकेश्वरमे होने वाले सभी धार्मिक कार्यके बारेमें सटिक और मूल जानकारी प्राप्त करने हेतु इसी मोबाईलके ॲंपमे निचे जाकर जानकारी पढकर तथा आगे दी गयी तीन पिडिएफ दी गयी है.उसी तिनो पिडिएफ फाईलोंको डाऊनलोड करके उसकी प्रिंट निकालकर शांतीसे पढकर हमे तुरंत फोनपर संपर्क करें.
पौरोहित्य के साथमे के.पी.ज्योतिषमे सभी प्रकारके डॉक्टरी इलाज करनेके भी संतान होनेमे आनेवाली बाधा एवम् शादीकी उम्र होनेमे बादभी शादी जमनेमे आनेवाली बाधाके हेतु उपर दिये गये मेरे फोन नंबरपर तथा दिये हुए समयपर बेझिझक संपर्क करे.सही उत्तर आपको कृष्णमूर्ती पद्धतीके अचुक प्रश्नकुंडली व्दारा सही मे सहीमे जबाव दिया जाएगा.।
About Guruji
Shikhare, a purohit family resides in Trimbakeshwar for the last 1200 years. They are mainly engaged with Poojas and Vidhis. Late Shri Shankar Sakharam Shikhare was fully devoted to paurohitya in the last century. His son, Late Shri Sambh Shankar Shikhare followed his tradition of paurohitya in Trimbakeshwar for the last 35 Years. He was expert in all Hindu religious Poojas, Vidhis, Narayan-nagbali pooja, Kalsarpashanti pooja, Tripindi Shraddha etc.
His son Shri Bhushan Sambh Shikhare is also following his family's tradition from last 15 years. Besides Paurohitya tradition, Shri Bhushan Sambh Shikhare is a keen follower of astrologer K.S. Krishnamurthy Padhati (K.P.) tradition. He studied traditional Indian astrology from 1990 to 1994 and then he turned to K.P. tradition due to problems in traditional astrology.
त्र्यंबकेश्वर के बारे मैं (About Trimbakeshwar)
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
इस जीवन मे सभी समस्याओ के लिए आध्यात्मिक निवारण हैं और विभिन्न अनुष्ठान करना उनमे से ही एक है। यह माना जाता है की, अन्य मंदिर के तुलना मे त्र्यंबकेश्वर मे पूजा करने से अधिक लाभ होता है। विभिन्न अनुष्ठान जैसे नारायण नागबली, कालसर्प पूजा, महामृत्युंजय मंत्र जाप, त्रिपिंडी श्राद्ध, कुंभ विवाह,रूद्र अभिषेक यहाँ त्रिम्बकेश्वर महादेव मंदिर परिसर मे अधिकृत पुरोहितो और ब्राह्मणो के मार्गदर्शन मे ही किए जाते है। इन पुरोहितो को ताम्रपत्र धारी के नाम से जाना जाता है।
महाराष्ट्र के नासिक शहर से २८ किलोमीटर दुरी पर त्र्यंबकेश्वर महादेव हिंदू मंदिर है। यह शिव मंदिर १२ ज्योतिर्लिंगों मे एक जाना जाता है। त्र्यंबकेश्वर के परिसर मे ब्रह्मगिरि पर्वत (जहा पवित्र नदी गंगा का उगमस्थान है) , कुशावर्त कुंड (पवित्र तालाब) है। कुशावर्त कुंड श्रीमंत सरदार रावसाहेब पार्नेकर द्वारा निर्मित है| जो इंदौर शहर के फडणवीस के नाम से जाने जाते थे| तथा वर्तमान त्रिम्बकेश्वर मंदिर श्रीमंत नानासाहेब पेशवा द्वारा सण १७५५-१७८६ मे निर्मित है।
त्र्यंबकेश्वर मंदिर ब्रह्मगिरि पर्वत के तलहटी पर बना है, जहा महाराष्ट्र की सबसे लम्बी गंगा नदी का उगमस्थान है। त्र्यंबक शब्द का अर्थ 'त्रिदेवता' (भगवन ब्रह्मा, विष्णु, महेश। मंदिर एक बीस से पच्चीस फुट की पत्थर की दीवार से बना है जो त्र्यंबकेश्वर मंदिर को एक समृद्ध रूप देता है।
त्र्यंबकेश्वर यह आद्य ज्योतिर्लिंग है । यह एकमेव ऐसा शिवलिंग हैं जिसमे ब्रह्मा , विष्णु तथा शिव जी का वास हैं ।उसी के साथ गोदावरी नदी जो हिंदू धर्म में बहुत पवित्र मानी जाती है उनका यह उद्गम स्थल भी है । इस कारणवर्ष त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र को अनन्य साधारण महत्व प्राप्त हैं । यहाँ हर 12 साल बाद कुंभ का मेला भी लगता हैं । यहां दूर-दूर से लोग अपनी परेशानियों को दूर करने हेतु पूजा के लिए आते हैं । कहां जाता है जो व्यक्ति त्र्यंबकेश्वर में आकर यह धार्मिक विधि श्रद्धापूर्वक करता हैं उसकी सारी परेशानियां , दोष , दुख भगवान त्र्यंबकेश्वर जीके आशीर्वाद से दूर हो जाते हैं तथा उसे मन इच्छित फल भी प्राप्त होता है ।
Trimbakeshwar Shiva Temple is an ancient and historic Hindu temple in Trimbak village (Located in the Nasik district of Maharashtra) dedicated to Lord Trimbakeshwar (Supreme deity Lord Shiva). It is 28 Km far from the City of Nashik. Trimbakeshwar Temple is an ancient temple of Lord Shiva and identified as one of the divine 12 Jyotirlinga. The holy river Godavari originates near Trimbak. Kushavarta Kund (sacred Pond) also lies in the temple premises built by the "Shrimant Sardar Raosaheb Parnekar," known as Fadnavis of Indore State. Shri. Nanasaheb (Peshwa Balaji Baji Rao) constructed the current Trimbakeshwar Temple.
Trimbakeshwar is the main Jyotirlinga. This is the only Shivling in which Brahma, Vishnu and Shiva reside. Along with this, it is also the origin of the Godavari river which is considered very sacred in Hinduism. Due to this reason, Trimbakeshwar has got special importance here. Kumbh Mela is also held here after every 12 years. People from far and wide come here for worship to get rid of their troubles. According to shastra , Person who comes to Trimbakeshwar and performs this religious ritual with devotion, all his troubles, defects, sorrows get away with the blessings of Lord Trimbakeshwar and he also gets the desired results.

पूजन विधी के लिए आवश्यक सुचनाएँ
मुहरत आगे दिये हुए है । इस तरह जो तारीख आपको सही लगे वह पंधराह दिन पहले हमे बताना अति-आवश्यक है । जो तारीख आप हमे सुचित करेंगे उसके एक दिन पहले शाम ६ बजे तक आना होगा । हमारा फोन नंबर संपर्क सूचि मे दिया हुआ है और फोन करने का समय पर ही कृपया फोन करे । आप हमें सूचित करते समय कृपया फोन करने की कोशिशही करे । (फोन करते समय आपकी किसी भी तरह की शंका हो तो संक्षिप्त शब्दो मे पुष्टी करे ताकी हमे बतलाने मे आसानी हो और आपको ज्यादा समझने में परेशानी न हो। इस बात का ध्यान रखे)
आगे दिए हुए वस्त्र नये और अच्छे लाए
पुरूषों के लिए - १ धोती , १ बनियान, १ अंडरवेअर, १ नॅपकिन (हर विधीके लिए अलग वस्त्र लाए)
स्त्रियों के लिए - १ साडी सफेद, हरा, लाल, काला यह रंग छोडकर (प्रिटेंड) में साडी लाईए । १ ब्लाऊज, १ पेटिकोट तथा अंर्तवस्त्र । (हर विधीके लिए अलग वस्त्र लाए)
कालसर्प शांति (Kalsarp Shanti)
गंगा गोदावरी तीरे त्रिसंध्या क्षेत्र मुच्यते ।
ज्योतिर्लिंगस्य सान्नीध्यात कुर्याद्वै सर्पशांतिकम् ।।
यह विधि मुख्यतः युवाओं के लिए उपयुक्त है । विद्या ग्रहण, धनप्राप्ति तथा नौकरी या व्यापार, विवाह आदि में होने वाले परेशानियों से मुक्ति मिलने हेतु यह विधि किया जाता है । यह एक दिन का दो से तीन घंटों का विधि है ।
This Pooja is mainly suitable for youth. This Pooja is done to get rid of problems in Education, Wealth and Job or Business, Marriage, etc. This is a Pooja of two to three hours a day.
दक्षिणा(Cost) - ₹5000/- (दोनोका रहेना और भोजन के साथ)
नारायणबली नागबली और त्रिपिंडी श्राद्ध
(Narayanbali Nagbali and Tripindi Shraddha) आयु, प्रजा धनं विद्या मोक्ष सुखानिच । प्रयच्छन्ति यथाराज्य नृणां प्रीता: पितामहा: ।।
नारायणबली नागबली विधि मुख्यतः संतति या अपत्य प्राप्ती हेतु, पिशाच्चो के तकलिफ से मुक्ति पाने के लिए, शाप का संकेत करनेवाले सपने, मनुष्य जाती का नागजातिसे रिश्ता आदि के निरसन हेतु, किया जाता है । त्रिपिंडी श्राद्ध यह काम्य श्राध्द है। लगातार तीन वर्ष तक जिनका श्राध्द न किया गया हो, उन पूर्वजों के लिए यह विधि किया जाता हैं । यह विधि मुख्यतः पितृशांति हेतु किया जाता है । यह 3 दिन चलने वाला विधि है ।
Narayanbali Nagbali Vidhi is mainly done for the removing of Getting Issues, Remove the troubles from Ghosts, Curse Indicative Dream, Human Relation With Cobra etc. Tripindi Shraddha Pooja is performed for those ancestors who have not performed Shradh for three consecutive years. This Shraddha is mainly done for Pitru Shanti. This is a 3 days Vidhi.
दक्षिणा(Cost) - ₹13000/- (दोनोका रहेना और भोजन के साथ)
इसके अलावा, अगर आप चाहें तो अपनी क्षमता, भक्ति और इच्छा के अनुसार, अपने साथ सोने की नाग की मूर्ति भी ला सकते हैं।
Furthermore, in accordance with one's capacity and devotion and as per one's means and inclination. We may bring along a golden image of a serpent (Nag) if they so desire.
नारायणबलि - नागबली, त्रिपिंडी श्राद्ध व कालसर्प शांती विधी २०२६ सालातील मुहूर्त ![]()
नारायणबलि - नागबली, त्रिपिंडी श्राद्ध व कालसर्प शांती विधी २०२५ सालातील मुहूर्त ![]()
नारायण - नागबलीची विस्तृतपणे मराठी माहिती ![]()
पितृदो ष, ना रा यण ना गबली व त्रि पिं डी श्रा द्ध मराठी माहिती ![]()
श्राद्ध, पितृपक्ष, पुनर्जन्म आणि त्यावरील अनेक शंका ![]()
नारायणबलि - नागबली, त्रिपिंडी श्राद्ध और कालसर्प शांती विधी २०२६ के मुहरत ![]()
नारायणबलि - नागबली, त्रिपिंडी श्राद्ध और कालसर्प शांती विधी २०२५ के मुहरत ![]()
त्र्यंबकेश्वर क्षेत्रका धार्मिकमहत्त्व तथा पुजाविधीकी जानकारीपत्र ![]()
नारायणबली और त्रिपिंडी श्राद्ध की अधिक जानकारी ![]()
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| Phone Pe Number : | +91-9422268596 |
श्री. भूषण सांभ शिखरे बँक खातेकी जानकारी
Account Details :|
Bank Name : |
Axis Bank, Nashik | ||
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Account Name : |
Bhushan Sambh Shikhare | ||
|
Account Number : |
115010100415118 | ||
| IFSC code : | UTIB 0000115 | ||
| Account Type : | Saving |
| Bank Name : | The Nasik Merchants Co-Op. Bank Ltd. Nashik | ||
| Account Name : | Bhushan Sambh Shikhare | ||
| Account Number : | 009010100002155 | ||
| IFSC code : | NMC B0000010 | ||
| Account Type : | Saving |